My posts

Translate

Friday, May 25, 2018

School ke din

वो धरती पर पहली सुबह या पहली रात
जिस दी हुई थी हमारी शुरुआत
वो स्कूल का पहला दिन
जो कटा था माँ तुम्हारे बिन
वो आखों में आसूँ
वो चेहरे पर मुस्कान
नई नई दुनिया थी नया नया था सारा जहान
वो खेलने कि मस्ती थी वो पढ़ने के दिन थे
वो कुछ लम्हे ऐसे भी थे माँ तुम्हारे बिन थे
वो टीचर कि डाँट,वो टीचर का प्यार
वो दीदी का समझाना,वो माँ का दुलार
वो हिंदी का पढना ,वो मैथ्स से डरना
वो इतिहास से जूझना,वो संस्कृत जो कभी न हो सकेगा अपना
वो गली में आवारापन,वो पतंग का उड़ाना
भूल गएँ हैं सब कुछ क्योंकि बदल चुका है यह ज़माना
वो साइकिल के पहले दिन,वो डरा हुआ चेहरा
वो घूमने कि मस्ती, वो दिल जिसपर था तेरा पहरा
वो साइकिल पर लदी बोरी वो रास्ता सूना सूना
वो गली में तेरी जाना और व्यर्थ ही वहाँ से लौट आना
वो नवीं का दिन,जब पल पल कटा तुम्हारे बिन
वो ऑरकुट पर इंतज़ार,वो नेट ऑपरेटर कि मार
वो तेरा मेसेज आना वो मंद मंद मुस्कुराना
वो गली पर इंतज़ार,जहाँ खो चूका था अपना प्यार
वो दर्द भरे दिन जो कटे थे तुम्हारे बिन
वो सड़क पर मार कि किसको मिलेगा किसका प्यार
वो दोस्तों क्ले साथ घूमना
वो बाइक से कहीं लड़ जाना
वो घर पर डाँट का डर
फिर पापा से कई बहाने बनाना
वो एक्साम्स का डर,वो न पढ़ने कि भूल
कहाँ मिलेगा यह सब यारों, आज तो छूट जायेगा अपना यह स्कूल
वो फेसबुक कि मस्ती अपनी फोटो लगाना
उसका लाइक आना और कमेंट में भी कुछ लिख जाना
वो क्लास में बात करना
वो छुट्टी का इंतज़ार
जहाँ मिलेंगे सबको सभी यार
वो रोड तक का साथ
जो हमेशा रहेगा याद
वो प्यारी सी मुस्कान
जिस पर दे चुके थे हम अपनी जान
वो स्कूल से जाने के दिन
वो आँखों में आसूँ
वो खड़े हैं एक साथ खिंचवाने एक फ़ोटो धाँसू
वो स्कूल ड्रेस में अब ना आ पाना
वो अपने पुराने दिन
कहाँ मिलेगा मुझे यह सब यार
अब जिंदगी तो कटनी है तुम्हारे बिन
यह ही याद रह जायेंगे हमें
हमारे स्कूल के दिन.……
हमारे स्कूल के दिन …

No comments: